पानी ने हमारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ दिया है – मनु पंवार
ऐसे मौसम में गांव आना हुआ जब हमारे गृह राज्य की सरकार बहादुर अपनी पीठ थपथपाने में मस्त है. बड़ा शोर सुना कि समान नागरिक संहिता वाला पहला राज्य होने जा रहे हैं. जहां-तहां गर्व के गुब्बारों को हवा दी जा रही थी, सो हमने भी सोचा कि ‘गर्व’ के एकाध छींटे इधर भी

