October 14, 2026

Manu Panwar

Admin
Manu Panwar is the Founder of Himalayan Talks and a distinguished Broadcaster, Author, and Columnist with a career spanning nearly 30 years. A veteran of the Indian media landscape, he has held pivotal leadership roles at premier Television networks including ABP News, STAR News, India TV, and Sahara India Television.Began his journey in 1996 as a Reporter for the prominent Hindi daily Amar Ujala.
आजकल

अंकिता भंडारी केस में अब सीबीआई क्या उखाड़ लेगी?

ऐसे समय में जबकि देश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कारगुजारी के खिलाफ पूरा विपक्ष सड़क पर था, तब राष्ट्रपति भवन

Read More
आजकल

पहाड़ के प्राचीन मंदिरों को कॉरिडोर बनाने की सनक क्या है?

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों उत्तरकाशी के प्रसिद्ध काशी-विश्वनाथ मंदिर को कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा

Read More
आजकल

क्या अंकिता भंडारी के माता-पिता को अब धामी सरकार से कोई उम्मीद नहीं?

पता नहीं अब कितनों को याद होगा कि अंकिता भंडारी मर्डर केस में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की

Read More
आजकल

क्या निर्दलीय उमेश कुमार सरकार से भी बड़े हैं?

हम जहांखड़े, सरकार से भी बडे। ऐसी डायलॉगबाजी आपने अक्सर फिल्मों में देखी होगी, जब फिल्म का कोई विलेन पब्लिक के सामने अपना

Read More
आजकल

धामी सरकार का ‘कोश्यारी रूट’

अगर आपको ये लग रहा है कि भगत सिंह कोश्यारी साहब महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से रहस्मयी परिस्थितियों में इस्तीफा देने के बाद

Read More
किस्सागोई

नैनीताल में कभी घोड़े-खच्चरों को मिलता था ‘वीकली ऑफ’

आपको ध्यान होगा कि देश की दूसरी बडी आईटी कंपनी इन्फोसिस के को-फाउंडर एन. नारायण मूर्ति ने कुछ समय पहले एक बयान देकर

Read More
किस्सागोई

टिहरी के राजा ने बिना सड़क के पहाड़ पर चढ़ा दी थी गाड़ी!

पहले मुर्गी आई या अंडा—इसी तर्ज पर अगर पूछा जाए कि पहले सड़क आई या कार, तो सहज उत्तर होगा कि पहले सड़क

Read More
खोजबीन

कहां गायब हो रहे हैं पारंपरिक पहाड़ी घर?

ये तस्वीरें हमारे गांव की हैं। उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल ज़िले में है गांव। ढलाऊ छत वाले मिट्टी-पत्थर के ऐसे मकान हमारे पहाड़ी

Read More
लोग-बाग

बी.मोहन नेगी: उनके हाथों में लकीरों के सिवा कुछ भी नहीं

चित्रकार बी.मोहन नेगी ‘मेरे इन हाथों की चाहो तो तलाशी ले लो, मेरे हाथों में लकीरों के सिवा कुछ भी नहीं।‘ जगजीत सिंह

Read More
घूमघाम

अंग्रेज क्या छोड़कर गए?

उत्तराखंड के चकराता के पास डाक बंगला हमें फ़िल्म ‘शोले’ का शुक्रगुज़ार होना चाहिए जो ‘अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर’ वाले डायलॉग के

Read More