पांच साल की बाध्यता में घुटती ज़िंदा कौमें मनु पंवार
राम मनोहर लोहिया कहा करते थे, ‘जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं’। लेकिन मुश्किल ये है कि किसी निर्वाचित सरकार या प्रतिनिधि
राम मनोहर लोहिया कहा करते थे, ‘जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं’। लेकिन मुश्किल ये है कि किसी निर्वाचित सरकार या प्रतिनिधि
बड़कोट।उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी ने रविवार को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में स्वतंत्र और स्वतंत्र प्रेस की