May 1, 2026
VISHNUPURAM, LANE NO 1 , GALI NO 4, MOTHROWALA, DEHRADUN, 248001 Uttarakhand

आजकल

आजकल

क्या निर्दलीय उमेश कुमार सरकार से भी बड़े हैं?

हम जहांखड़े, सरकार से भी बडे। ऐसी डायलॉगबाजी आपने अक्सर फिल्मों में देखी होगी, जब फिल्म का कोई विलेन पब्लिक के सामने अपना रौब झाड़ने की कोशिश करता है। लेकिन देहरादून के डीएवी कॉलेज में छात्र संघ के मंच पर शेखी बघारने वाले, डींगें हांकने वाले वो उत्तराखण्ड विधानसभा के माननीय विधायक हैं। नाम हैं

Read More
आजकल

धामी सरकार का ‘कोश्यारी रूट’

अगर आपको ये लग रहा है कि भगत सिंह कोश्यारी साहब महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से रहस्मयी परिस्थितियों में इस्तीफा देने के बाद से गायब हो गए हैं तो ये भ्रम हो सकता है…क्योंकि उत्तराखण्ड की पुष्कर सिंह धामी सरकार में भगत सिंह कोश्यारी एक अदृश्य शक्ति की तरह मौजूद हैं….फिल्मी अंदाज में कहें तो

Read More
आजकल

अथश्री ‘इलीगल’ कथा !

बात उन दिनों की है जब हम शिमला में अख़बार में पत्रकारिता किया करते थे. शिमला में अवैध निर्माण से जुड़ी एक स्टोरी का पीछा करते-करते कुछ ऐसे दस्तावेज़ हाथ लगे कि दंग रह गया. शायद वो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट की रिपोर्ट थी. जिससे पता चला कि शिमला में हाईकोर्ट की बहुमंजिला इमारत

Read More
आजकल

श्रीकृष्ण की राजनीति के कितने करीब है आज की राजनीति?

(दिवंगत राजेन टोडरिया हमारे समय के धाकड़ पत्रकार / लेखक रहे हैं. वह हमारे बॉस भी रहे और मेंटॉर भी. राजेनजी की पत्रकारिता उत्तराखण्ड से शुरू होकर हिमाचल तक गई. वह हिमाचल में ‘दैनिक भास्कर‘ के संपादक थे. उससे पहले ‘अमर उजाला‘ अख़बार में हिमाचल प्रभारी थे. उनकी लेखनी बेहद धारदार और कमाल की थी. फरवरी 2013

Read More
आजकल

क्या उत्तराखण्ड क्रान्ति दल से हो पाएगा? — मनु पंवार

पिछले कुछ समय से जब से हमारे उत्तराखंड में क्षेत्रीय अस्मिताओं के मुद्दों ने सिर उठाया है, उनको लेकर गोलबंदी शुरू हुई है। यूकेडी को लेकर एक अलग सेंटिमेंट नज़र आता है। ये जानते हुए भी कि यूकेडी की अपनी समस्याएं कितनी विकट हैं, इस समय उसकी स्थिति क्या है—उसके पास लीडरशिप की क्राइसिस है,

Read More
आजकल

सतपाल महाराज के ‘बैंड, बाजा, बारात’ की इनसाइड स्टोरी — मनु पंवार।

उत्तराखण्ड की राजनीति में और कुछ हो न हो, मनोरंजन की कोई कमी नहीं है। फुल एंटरटेनमेंट है। इतनी सारी तकलीफों में घिरी पब्लिक को कुछ एनजॉयमेंट मिल जाता है, वो भी फ्री में। अब इससे ज्यादा अच्छे दिन और क्या चाहिए। अभी हुआ क्या है कि धामी सरकार के हैवीवेट कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज,

Read More
आजकल

पानी ने हमारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ दिया है – मनु पंवार

  ऐसे मौसम में गांव आना हुआ जब हमारे गृह राज्य की सरकार बहादुर अपनी पीठ थपथपाने में मस्त है. बड़ा शोर सुना कि समान नागरिक संहिता वाला पहला राज्य होने जा रहे हैं. जहां-तहां गर्व के गुब्बारों को हवा दी जा रही थी, सो हमने भी सोचा कि ‘गर्व’ के एकाध छींटे इधर भी

Read More
आजकल

पत्रकारिता की फिक्र छोड़िए, पहले समाज को बचाइए

गांव की बचपन की यादें हैं। जो पहाड़ में रहे हैं या अभी रह रहे हैं, उन्हें तो पता ही होगा। हमारे गांव के पुंगड़ों (खेतों) में लोग अक्सर खड़ी फसल के बीच कुछ-कुछ फासले पर पुतले खड़े कर दिया करते थे। फटे-पुराने, अनुपयोगी कपड़ों से बने या घास-फूस से बने पुतले। पुतलों को कुछ

Read More
आजकल

राजनीतिक प्रहसन में क्यों बदल गए नए राज्य? मनु पंवार

  पंद्रह बरस का वक़्त कम नहीं होता यह समझने के लिए कि देश में नई बनी छोटी प्रशासनिक इकाइयां आखिर विफल क्यों रहीं? ठीक पंद्रह साल पहले सन् 2000 में देश के नक्शे में तीन नए राज्य उग आए थे। उत्तराखण्ड, झारखण्ड और छत्तीसगढ़। हालांकि छत्तीसगढ़ को तब गिफ्ट माना गया क्योंकि उत्तराखण्ड और

Read More
आजकल

पांच साल की बाध्यता में घुटती ज़िंदा कौमें मनु पंवार

राम मनोहर लोहिया कहा करते थे, ‘जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं’। लेकिन मुश्किल ये है कि किसी निर्वाचित सरकार या प्रतिनिधि को पांच साल ढोने की विवशता का कोई तोड़ हम आज तक नहीं ढूंढ पाए हैं। इस मजबूरी ने एक लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था को किस कदर बेबस और लाचार बना दिया है,

Read More