August 14, 2026

Blog

लोग-बाग

वो आदमी नहीं, मुकम्मल बयान है…

(जो लोग उत्तराखण्ड के पहाड़ों के समाज, जीवन और वहां के लोक की संस्कृति को समझते–जानते हैं, उनके लिए नरेन्द्र सिंह नेगी कोई अपरिचित नाम नहीं है. नेगी पहाड़ के सबसे चर्चित, सबसे लोकप्रिय, सबसे प्रतिष्ठित गीतकार/ गायक/ कवि हैं. उत्तराखण्ड में घर–घर जाने जाते हैं और अपने गीतों के साथ प्रवासी उत्तराखण्डियों के घर–घर

Read More
लिखा-पढ़ी

…अगला नम्बर आपका है

शायर डॉ. नवाज देवबंदी के साथ उस दिन की फोटो  “जिन पर लुटा चुका था मैं दुनिया की दौलतें     उन वारिसों ने मुझको कफ़न नाप कर दिया।“ लिखना हुआ तो यह हुआ कि मुहावरा बन जाए। ऐसे कई शायर/ कवि अनाम रह गए मगर उनकी शायरी/ कवितायें लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गईं। डॉ.नवाज़ देवबंदी

Read More
लोग-बाग

राजेन टोडरिया : एक जीनियस पत्रकार की याद

वो 5 फरवरी की ही तारीख थी. साल 2013. सुबह-सुबह की बात है. दिल्ली में घर पर सोया हुआ था. देहरादून से पत्रकार मित्र राकेश खण्डूड़ी  का फोन आया. अधजगी हालत में फोन उठाया. उधर से कांपती आवाज़ में सुनाई दिया- टोडरिया जी नहीं रहे. यह बताते-बताते राकेश फफक-फफक कर रो पड़ा. बयां नहीं कर

Read More
लोग-बाग

राकेश खण्डूड़ी : एक भलेमानुस का जाना

हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर अपने अभिन्न मित्र राकेश खण्डूड़ी को हमेशा के लिए विदा करके लौट आया हूं. लेकिन कल दिल्ली से पहले हरिद्वार और फिर उसके घर डोईवाला (देहरादून) पहुंचने तक और फिर रात को डोईवाला से दिल्ली लौटने में जितना भी समय लगा, उस पूरे वक़्त राकेश के साथ बिताया समय किसी

Read More
किस्सागोई

…जब मैं सचिन के सामने नि:शब्द था

यह वर्ष 2002 के नवम्बर महीने की ही बात है। यानी आज से करीब 17 साल पहले। उस समय मैं उत्तर भारत के एक प्रमुख अख़बार ‘अमर उजाला’ के हिमाचल प्रदेश ब्यूरो में शिमला में बतौर संवाददाता कार्यरत् था। उन दिनों वेस्टइंडीज़ की क्रिकेट टीम भारत दौरे पर आई हुई थी। लेकिन मांसपेशियों में खिंचाव

Read More
लोग-बाग

कृपया दरवाजों से हटकर खड़े हों !

शम्मी नारंग के साथ मुलाकात की एक तस्वीर कुछ आवाज़ें, कुछ छवियां ज़ेहन में हमेशा ताज़ा रहती हैं. बरसों तक, दशकों तक, उम्र भर गूंजती रहती हैं. शम्मी नारंग भी ऐसी ही शख्सियत हैं. बहुत ज्यादा वक़्त नहीं बीता है लेकिन मानो एक युग गुज़र गया है. दूरदर्शन के युग में, जबकि टेलीविज़न न्यूज़ में

Read More
आजकल

अथश्री ‘इलीगल’ कथा !

बात उन दिनों की है जब हम शिमला में अख़बार में पत्रकारिता किया करते थे. शिमला में अवैध निर्माण से जुड़ी एक स्टोरी का पीछा करते-करते कुछ ऐसे दस्तावेज़ हाथ लगे कि दंग रह गया. शायद वो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट की रिपोर्ट थी. जिससे पता चला कि शिमला में हाईकोर्ट की बहुमंजिला इमारत

Read More
खोजबीन

यहां पानी के टैंक के ऊपर शपथ लेती है सरकार !

शिमला में इसी रिज़ मैदान पर नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है नहीं..नहीं…. ये वो पानी की टंकी नहीं है जिस पर चढ़कर ‘शोले’ का बीरू दारू की बोतल लेके कूदकर जान दे देने की धमकी देता है. ये पानी का विशालकाय टैंक है शिमला के फेमस रिज़ मैदान पर, जो ब्रिटिशकाल

Read More
खोजबीन

चले आए शिवजी की बारात में !

हमारी नगरी पौड़ी (उत्तराखंड) के क्यूंकालेश्वर में शिव की मूरत बचपन का किस्सा है. पहाड़ में कई बार स्कूल जाते वक्त कोई किताब, कॉपी या पेन-पेंसिल घर में छूट जाती थी या होमवर्क करके नहीं जाते थे, तो क्लास में मास्साब अक्सर ताना मारा करते थे. कहते-‘क्या शिवजी की बारात में आए हो?’  हमारे मास्टरजी का

Read More
आजकल

श्रीकृष्ण की राजनीति के कितने करीब है आज की राजनीति?

(दिवंगत राजेन टोडरिया हमारे समय के धाकड़ पत्रकार / लेखक रहे हैं. वह हमारे बॉस भी रहे और मेंटॉर भी. राजेनजी की पत्रकारिता उत्तराखण्ड से शुरू होकर हिमाचल तक गई. वह हिमाचल में ‘दैनिक भास्कर‘ के संपादक थे. उससे पहले ‘अमर उजाला‘ अख़बार में हिमाचल प्रभारी थे. उनकी लेखनी बेहद धारदार और कमाल की थी. फरवरी 2013

Read More