मेरे अध्यापक, जिन्होंने विविधता के सौंदर्य की समझ विकसित की
इंद्र मोहन मुदगिल. यही नाम था हमारे स्कूल के प्रिंसिपल का, जिन्होंने हमें पर्यावरण संरक्षण की व्यावहारिक सीख दी. जिन्होंने पेड़ों की अहमियत बताई. फूलों के होने का मतलब समझाया. जिन्होंने आंगन में दूब के उगने का अर्थ बतलाया. जिन्होंने बगीचे को संवारने का शऊर दिया और फलदार वृक्षों की महत्ता समझाई. वो मुदगिल साहब ही

